aacharya gouldie madan shani Fundamentals Explained

ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं.

त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।

पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।

तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।

अष्टमी या नवमी को दुर्गा पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें तरह-तरह के व्यंजनों (पूड़ी, चना, हलवा) का भोग लगाएं।

व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।

* पितृदोष और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर करती हैं।

ॐ नमो काली कंकाली महाकाली click here मुख सुन्दर जिह्वा वाली,

दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।

Navratri is some time to worship the universe's sacred feminine spirit, Goddess Durga, with utmost devotion and religion. Does one understand why we celebrate Navratri? Allow me to reply. Navratri is time of yr to rejoice the change of seasons with commitment, renewal, and joy.

देवी की कृपा से जीवन से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।

घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।

कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।

कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।

फिर कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें। 

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